व्यंग्य: हे-गवर्नर पुत्र आप धन्य और महान हैं!

...तो नारद जी कहने लगे ! हे भगवन !  
 
नारायण, नारायण, नारायण! हे भगवन ! आजकल चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के घर-घर, कोने-कोनें में गवर्नर पुत्र की बड़ी जबरदस्त चर्चा है। कई तो गवर्नर पुत्र को उनके ही सामने कह देते हैं कि हे-परम आत्मा आप महान हैं। दिखने में आप साधारण जरूर लगते हैं, पर असाधारण हो, आपकी गाथाएं आजकल बड़ी दूर-दूर तक सुनीं जा रही है। क्योंकि आपने वह कर दिखाया है, जो किसी ने न तो किया और न ही कभी सोचा था। लोग तो यहां तक कहते हैं कि गवर्नर पुत्र पहले वाले नहीं रहे, अब तो साहब राजनीति भी जान गए हैं। राजनीति में इतने ज्ञानी हो गए हैं कि ज्ञान भी जमकर बांट रहे हैं। यही कारण है कि और तो और उनपर प्रशासक और प्रशासन भी मेहरबान हैं। 
नारदजी यहीं चुप नहीं रहते हैं। कहते हैं। इसलिए हे भगवनजमीन यानी धरती पर इस महान आत्मा के लिए सबकुछ मांफ है। प्रशासन में हिम्मत खत्म है। बेखौफ गवर्नर पुत्र अवैध निर्माण भी धड़ल्ले से कर रहे हैं। कई एकड़ जमीन में अवैध निर्माणाधीन हैं। गांवों के लोग झुग्गी भी डाल लें तो प्रशासन का तांडव शुरू हो जाता है। अवैध झुग्गियों को प्रशासन वाले ऐसे ढहाते हैं, जैसे पाकिस्तान पर हमला बोल दिया हो। पर गवर्नर पुत्र के इस विशाल अवैध निर्माण पर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। प्रशासन की ओर से कोई ऐसा प्रयास भी नहीं है कि आम जन में कोई बड़ा संकेत जाए।
नारदजी भगवन के सामने दावा तो यहां तक कर रहे हैं कि कई अन्य जगहों पर भी गवर्नर पुत्र के और भी काम चल रहे हैं। पर हे भगवन हैरानी है कि प्रशासन में इतनी हिम्मत क्यों नहीं? नारदजी भगवान से सवाल भी करते हैं कि आखिर प्रशासन में कार्रवाई करने की कोई इच्छा शक्ति क्यों नहीं? अवैध निर्माण पर प्रशासन कोई पुख्ता कार्रवाई करेगा दुविधा क्यों भगवन ? हालांकि नारद जी कहते हैं कि इस बात से खुश हूं कि स्मार्ट प्रशासन ने गवर्नर पुत्र को एक नोटिस जारी कर संकेत भेजा है। पर इस महान हैसियत वाले गवर्नर पुत्र के अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। इसलिए नारद जी कहते हैं कि हे- गवर्नर पुत्र आप बिल्कुल भी रूकें नहीं, कार्यक्रम को जारी रखें। आपका कौन क्या बिगाड़ लेगा। प्रशासन तो आपकी मुट्ठी में हैं। 
नारदजी यहीं चुप नहीं होते, कहते हैं कि पिछले कुछ समय से सिटी में विपक्षी नेता भी जैसे बेसुध और बेजान हो गए हैं। जब गवर्नर पुत्र का कारनामा लोगों के सामने आया तो सभी स्तब्ध थे। लोग विपक्षी नेताओं को लगातार कोस रहे थे। लोगों की भावनाओं को देखते हुए विपक्ष के नेताओं को होश आया तो प्रेस कांफ्रेंस बुलाया। अखबारों में छपने के लिए फोटो खिंचवाए, प्रेस नोट जारी किया। फोटो के साथ खबरें भी छपी। इसके बाद इसे संपूर्ण मानकर विपक्ष के नेताओं की फौज की छोटी सी टुकड़ी जैसे गहरी नींद में ही सो गए। नारदजी आहत हैं कि प्रशासनिक अधिकारियों की तरह ही इनमें भी इतनी हिम्मत नहीं बची कि दोबारा गवर्नर पुत्र के अवैध निर्माण के कारनामें को जोरदार तरीके से उठा सके। इसलिए नारदजी भगवान के सामने बार बार कहते हैं कि हे-गवर्नर पुत्र आप धन्य हैं, विपक्षी तो आपसे भी महान! 
 नारायण, नारायण, नारायण!
17 aug 2016