पहला राष्ट्रीय संस्थान उमरी गांव के पोलटैक्निकल कालेज मंजिल में शीघ्र शुरु

चंडीगढ़, 12 जनवरी 2017, राष्ट्रीय संस्थान नेशनल इन्सटियूट आफ इलैक्ट्रोनिक्स एंड इन्र्फोमेशन टैक्नोलोजी (एनआईएलआईटी) के महानिदेशक डा. अश्विनी कुमार शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार कुरुक्षेत्र में बेसिक स्कील डिवलैप्मेंट कोर्सों को लेकर हरियाणा का पहला राष्ट्रीय संस्थान को उमरी गांव के पोलटैक्निकल कालेज की पहली मंजिल में शीघ्र शुरु किया जा रहा है। 

इस संस्थान में अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों को कम समयावधि के तकनीकी कोर्सो की निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। इतना ही नहीं सभी विद्यार्थियों के लिए इस राष्ट्रीय संस्थान में करीब 15 कोर्स शुरू किए जाएंगे और इन कोर्सो की अवधि 4 सप्ताह से लेकर 1 वर्ष तक की होगी।

महानिदेशक ने बताया कि स्वर्ण जयंती वर्ष पर मिनिस्ट्री आफ इलैक्ट्रोनिक्स इन्र्फामेशन टैक्नोलोजी की तरफ से हरियाणा का पहला एनआईईआईटी संस्थान कुरुक्षेत्र की पावन धरा में शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि देश में इस तरह के 35 संस्थान युवाओं को कुशल बनाने का कार्य कर रहे हंै। इस संस्थान को उमरी के पोलीटैक्निकल संस्थान की ईमारत की पहली मंजिल पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में इस तरह का पहले कोई भी संस्थान नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदेशानुसार देश के प्रत्येक राज्य में कम से कम एक संस्थान खोलने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि एससीएसटी विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा निशुल्क रहेगी। केन्द्र सरकार की तरफ से एनआईएलआईटी को अभी एक प्रोजैक्ट के रूप में 3 सालों के लिए शुरू किया जा रहा है, अगर यह प्रोजैक्ट कामयाब हुआ तो इस संस्थान का फुल कैम्पस स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से जमीन मुहैया करवाई जाएगी और केन्द्र सरकार की तरफ से सारा फंड दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनआईएलआईटी में 15 से 20 कोर्स शुरू करने की योजना है।  इन कोर्सों की अवधि 4 सप्ताह, 6 माह और 1 वर्ष की होगी। इन कोर्सो में विद्यार्थियों को नई तकनीकी से रूबरू करवाया जाएगा। उन्होंने एनआईईएलआईटी के अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी अधिकारियों के लिए व्यवस्थित डिजीटल भुगतान कार्यशालाओं के आयोजन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डिजीटल साक्षरता अभियान के एक भाग के रुप में 12वीं कक्षा के स्कूल के छात्रों के लिए बुनियादी साक्षरता पाठयक्रम को करवाने पर बल दिया। इन पाठयक्रमों में भी राज्य के बेरोजगार युवाओं को आईटी में रोजगार की सम्भावनाओं और अन्य क्षेत्रों को बढ़ाने के लिए उपयोगी हो जाएगा।