हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने किया रोड़वेज आंदोलन का पुरजोर समर्थन

पंचकुला, 12 मई। यदि रोड़वेज कर्मियों के साथ सरकार ने हठधर्मिता अपनाने का प्रयास किया तो प्रदेश में कार्यरत सभी विभागों के कर्मचारी रोड़वेज कर्मचारियों के चल रहे आंदोलन जो पूर्णतया जनता का आंदोलन है क्योंकि राज्य परिवहन के अस्तित्व को बचाने के लिए किये जा रहे आंदोलन में प्रदेश की जनता भी पूर्णतया समझ चुकी है कि आज रोड़वेज विभाग की सभी यूनियनें पिछले काफी दिनों से जो संघर्ष का बिगुल बजाये हुए हैं वो केवल मात्र जनता को सुरक्षित व बढिय़ा व सुलभ परिवहन सेवायें उपलब्ध करवाने के लिए ही आंदोलनरत हैं। इसमें रोड़वेज के कर्मचारी की वेतन, भत्ते व कोई अन्य मांग नहीं की जा रही। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय प्रधान कंवर सिंह यादव, प्रांतीय महासचिव वीरेन्द्र सिंह धनखड़, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा ने राज्य सरकार को विशेष रूप से परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों को चेतावनी दी कि सरकार रोड़वेज के कर्मचारी को किसी भी सूरत में कम आंकने का प्रयास न करे। कर्मचारी नेताओं ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार द्वारा गत 13 अप्रैल को पंचकुला में जो समझौता किया गया था वो अविलम्ब लागू करे। इस विषय में कर्मचारी नेताओं ने गत 29 मार्च को मुख्यमंत्री हरियाणा के निवास स्थान पर महासंघ के प्रतिनिधिमंडल की हुई बैठक में भी राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई नई परिवहन नीति बारे व्यापक विचार-विमर्श के बाद जनहित व कर्मचारी हित में तुरन्त रद्द करने की मांग भी की थी। इस विषय में महासंघ द्वारा मुख्यमंत्री हरियाणा को उसी समय नई परिवहन नीति के दुष्परिणामों बारे प्रतिवेदन भी सौंप दिये गये थे। 

हरियाणा कर्मचारी महासंघ रोड़वेज की सभी यूनियनों द्वारा संयुक्त रूप से किये जा रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए साथ में प्रदेश की जनता का भी आभार व्यक्त करते हुए यह स्पष्ट करना चाहता है कि सरकार अपने द्वारा किये गये फैसले को समय रहते लागू करे क्योंकि प्रदेश की अफसरशाही प्रदेश सरकार व कर्मचारी वर्ग को आपस में टकराहट के रास्ते पर ले जाना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी आग्रह किया कि वो जनहित के इस विभाग को बढ़ाने के लिये राज्य परिवहन में राज्य की जनता की सुविधानुसार प्रत्येक वर्ष 2000 गाडिय़ां बढ़ाते हुए इस विभाग में साधारण बसों की संख्या 12000 करे।