हरियाणा के अन्य भाग में कानून एवं व्यवस्था से सम्बन्धित घटना नहीं

चण्डीगढ़, 26 अगस्त - हरियाणा में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख को सीबीआई न्यायालय द्वारा दिए गये निर्णय के पश्चात पंचकूला में घटित हुए घटनाक्रम के बाद कल सायं साढे 6 बजे के पश्चात पंचकूला व हरियाणा के अन्य किसी भी भाग में कानून एवं व्यवस्था से सम्बन्धित कोई भी घटना अभी तक घटित नहीं हुई है और कानून व्यवस्था पूर्णत: बनी हुई है।
    यह जानकारी आज यहां हरियाणा के मुख्य सचिव श्री डीएस ढेसी, पुलिस महानिदेशक श्री बीएस संधु और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राम निवास ने संयुक्त रूप से पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।
    मुख्य सचिव ने बताया कि पंचकूला में हुए घटनाक्रम में 28 लोगों की मृत्यु हुई है, जिनमें से 24 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। इसी प्रकार सिरसा में भी तीन लोगों की मृत्यु हुई है। घायलों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस घटनाक्रम के दौरान 250 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 50 पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने बताया कि 101 घायल व्यक्तियों को रैफर किया गया है, जबकि 31 लोगों को डिसचार्ज कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 61 व्यक्ति उपचाराधीन हैं, जिनमें 6 पुलिसकर्मी भी हैं। उन्होंने बताया कि 24 व्यक्ति पंजाब के हैं, 22 हरियाणा से हैं, 4 राजस्थान और 4 ही उत्तर प्रदेश के हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से एक भी व्यक्ति पंचकूला का स्थानीय निवासी नहीं है। श्री ढेसी ने बताया कि मृत्यु होने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और वर्तमान में पोस्मोर्टम की कार्यवाही चल रही हैं।
    उन्होंने बताया कि पंचकूला के घटनाक्रम के दौरान 28 वाहनों को जलाया गया है, जिनमें सरकारी वाहन भी शामिल है। इसी प्रकार, दो सरकारी भवनों को भी नुकसान पहुंचाया गया है, जिनमें आयकर भवन और हरियाणा के हारट्रोन कार्यालय शामिल है। उन्होंने बताया कि छ: निजी दुकानों को भी जलाया गया है और दो स्ट्रक्चर भी जलाए गये हैं, जिनमें एक पार्क और एक एचडीएफसी बैंक का एटीएम शामिल है। उन्होंने बताया कि कल दोपहर यह घटनाक्रम साढे तीन बजे शुरू हुआ और साढे छ: बजे से सात बजे के बीच सारी स्थिति पर नियंत्रण कर लिया गया था।
    मुख्य सचिव बताया कि इस घटनाक्रम को लेकर आठ विभिन्न प्रकार की एफआईआर दर्ज की गई हैं और 524 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि हर प्रकार के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा एक विशेष पोर्टल बनाया जा रहा है, जिनमें मीडिया या निजी लोगों द्वारा अपने नुकसान का दावा किया जा सकेगा और ऐसे लोगों को शतप्रतिशत मुआवजा दिया जाएगा।
    उन्होंने बताया कि सरकार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 101 पैरामिलिट्री कम्पनियों को तैनात किया है, जबकि सेना के 10 कॉलम भी तैनात हैं, जिनमें छ: कॉलम पंचकूला में और चार कॉलम सिरसा में तैनात हैं। सिरसा स्थित डेरे के अन्दर सेना के जाने के सम्बन्ध में उन्होंने स्पष्टï किया कि सिरसा में डेरे के बाहर के क्षेत्र में सेना और पैरामिलिट्री के जवानों की गश्त है ताकि स्थिति को काबू व सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अभी तक डेरे में कोई अंदर नहीं गया है।
    मुख्य सचिव ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान डेरे से सम्बन्धित एक वाहन से एक एके47 राइफल, एक माउजर जब्त की गई है, जबकि दूसरे एक अन्य वाहन से दो राइफल और पांच पिस्टल जब्त किए गये हैं। उन्होंने बताया कि डेरा समर्थकों के विरूद्घ देश द्रोह के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गये हैं। डेरा प्रमुख को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट के सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि डेरा प्रमुख को कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है, उन्हें सुरक्षा की दृष्टिï से हैलीकॉप्टर से सुनारिया स्थित रोहतक जेल में ले जाया गया है। डेरा प्रमुख के साथ भी सामान्य कैदियों की तरह व्यवहार किया जा रहा है और सामान्य कैदियों की भांति ही खाना पीना दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के साथ ही डेरा प्रमुख की जैड प्लस सुरक्षा समाप्त हो गई है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में हरियाणा के मुख्य सचिव ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने का एक तरीका होता है और यदि कानून व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी अधिकारी की कोई कोताही पाई गई तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा डेरा प्रमुख की सम्पति को अटेच करने के सम्बन्ध में पूछे गये प्रश्न के उत्तर में मुख्य सचिव ने कहा कि कोर्ट ने डेरा के वकील को कहा है कि वे डेरे से सम्बन्धित सम्पति का ब्यौरा प्रस्तुत करें।  
एक अन्य सवाल के उत्तर में पुलिस महानिदेशक ने बताया कि डेरा प्रमुख सिरसा से पंचकूला अपनी मर्जी से अपनी गडियों में आए और कोर्ट परिसर में केवल पांच गाडियों को ही जाने की स्वीकृति थी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिïगत डेरा प्रमुख को हैलीकॉप्टर से रोहतक ले जाया गया।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि ऐसे उपद्रव के दौरान पुलिस सबसे पहले आंसू गैस छोड़ती है, उसके बाद लाठीचार्ज करती है और आगजनी शुरू हो जाती है तो फायरिंग की जाती है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उन्होंने स्वयं इस ऑपरेशन में लीड किया और कई बार ऐसे उपद्रव के दौरान पुलिस की टुकड़ी को पीछे भी हटना पड़ता है और दोबारा से रीकनैक्ट होकर भीड़ को भगाया जाता है।
गुमशुदा से सम्बन्धित पूछे गये प्रश्न के उत्तर में पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अभी तक पंचकूला के पुलिस थानों में किसी भी प्रकार की गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम के दौरान सेना का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 28 अगस्त को दिए जाने वाले निणर्य के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सिरसा में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल है और डेरे में कुछ लोग हैं, जो निकलना चाहते हैं, लेकिन कफ्र्यू और माहौल खराब होने की बजह से उन्हें निकाला नहीं जा रहा है और समय आने पर निकाल दिया जाएगा।
हरियाणा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राम निवास ने कहा कि कल के घटनाक्रम को 3 घंटे के भीतर काबू कर लिया गया, अन्यथा गम्भीर परिणाम हो सकते थे और इससे ज्यादा हिंसक घटनाएं हो सकती थी। उन्होंने कहा कि पुलिस, सेना और पैरामिलिट्री के सुरक्षा बलों ने पंचकूला से साढे 6 बजे तक उपद्रवियों बाहर कर दिया था अन्यथा ये लोग मकानों के अन्दर घुस सकते थे, चण्डीगढ़ की तरफ आ सकते थे और नुकसान पहुंचा सकते थे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिïगत 61 नाके लगाये गये थे और वाहनों की कड़ी जांच की जा रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रभावी कार्यवाही की है।