बीजेपी के इन चार नेताओं पर है पार्टी को जिताने का दारोमदार

Delhi 12 Oct 2017, चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजा दिया है। वहां ९ नवंबर को सभी ६८ सीटों पर वोट डाले जाएंगे और नतीजे १८ दिसंबर को आएंगे। भारतीय जनता पार्टी को पूरी उम्मीद है कि इस बार एंटी-इनकमबेंशी फैक्टर और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का लाभ उठाते हुए पहाड़ों में कमल खिलाएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में सबसे आगे चल रहे हैं। चुनावी वर्ष होने की वजह से भाजपा की केंद्र सरकार भी पहले से ही हिमाचल प्रदेश पर मेहरबान रही है। माना जा रहा है कि हिमाचल के लोग इसका फायदा भाजपा को पहुंचा सकते हैं। वैसे भी १९९० के बाद से हिमाचल प्रदेश में हर पांच साल पर सरकार बदलते रहने का इतिहास रहा है।
 
कांग्रेस मुक्त भारत के अभियान पर चल रही नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी इस चुनाव में भी जीत हासिल करने के लिए एड़ी-चोटी एक किए हुए है। केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ इन चार चेहरों पर हिमाचल प्रदेश में भाजपा को जीत सुनिश्चित कराने का दारोमदार टिका हुआ है।
 
जगत प्रकाश नड्डा: जे पी नड्डा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हैं। ५७ साल के नड्डा ब्राह्मण समुदाय से आते हैं। उनका लालन-पालन और प्रारंभिक शिक्षा बिहार की राजधानी पटना में हुई। वहीं के प्रसिद्ध पटना यूनिवर्सिटी से इन्होंने बीए की डिग्री ली। इसके बाद हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से इन्होंने एलएलबी किया। नड्डा सबसे पहले १९९३ में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए। १९९८ में दोबारा जीतने पर वो राज्य में स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए। एबीवीपी से जुड़े रहने वाले नड्डा की न सिर्फ संगठन पर पकड़ है बल्कि हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं का मूड भांपने में भी वो माहिर हैं। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उने सांसद बेटे अनुराग ठाकुर से उनके रिश्ते तल्ख हैं।
 
सतपाल सिंह सट्टी: सतपाल सिंह वर्तमान में हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह तीसरी बार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले साल २०११ में वो पहली बार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बने थे। बतौर प्रदेश अध्यक्ष सट्टी का कार्यकाल निर्विवाद और संतोषजनक रहा है। उन्हें बड़ा रणनीतिकार माना जाता है। ५३ साल के सट्टी उना से विधायक हैं। स्पष्ट बोलने वाले सट्टी की पकड़ बूथ लेवेल के संगठन तक है। इसके अलावा युवाओं पर भी उनकी अच्छी खासी पकड़ है। हाल ही में शिमला नगर निकाय चुनावों में भाजपा को जीत दिलाने में उनकी सराहनीय भूमिका रही थी।
 
जयराम ठाकुर: जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं। ५२ साल के ठाकुर राजपूत समुदाय से आते हैं। वो पहले भी भाजपा की सरकार में मंत्री रह चिके हैं। मंडी विधानसभा से चुनाव जीतते रहे हैं। संगठन से लेकर आम जनता तक इनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
अजय जामवाल: मंडी जिले के निवासी अजय जामवाल संघ के नेता हैं। संघ प्रचारक रहे हैं। फिलहाल उत्तर-पूर्वी राज्यों के जनरल सेक्रेटरी हैं। जामवाल बूथ लेवेल तक भाजपा और आरएसएस के बीच तालमेल बैठाने में माहिर माने जाते हैं। जामवाल ने साल २०१४ के लोकसभा चुनावों में पंजाब में अहम भूमिका निभाई थी। पार्टी ने उनकी क्षमता और राजनीतिक परख को देखते हुए उम्मीदवारों का नाम सुझाने का जिम्मा सौंपा था। उन्हें संघ प्रचारक के तौर पर ३५ वर्षों का अनुभव है। १० साल उन्होंने हिमाचल प्रदेश में भी गुजारे।