पंजाब पुलिस के लिए सड़क सुरक्षा क्षमता निर्माण प्रोग्राम लाॅन्च

मोहाली, 27 अक्टूबर, 2017: डियाज़ियो ने आज इंस्टीट्यूट आॅफ रोड ट्रैफिक एजुकेषन (आईआरटीई) के साथ मिलकर पंजाब पुलिस के लिए सड़क सुरक्षा क्षमता निर्माण प्रोग्राम का लाॅन्च किया। इस प्रोग्राम का उद्घाटन श्री बी एल मीना, आईपीएस, डीआईजी रेंज, पंजाब, ; श्री नवदीप सिंह मेहराम, सीनियर जनरल मैनेजर- सस्टेनेबिलिटी, डियाज़ियो इंडिया तथा डाॅ. रोहित बलूजा, प्रेसिडेंट, इंस्टीट्यूट आॅफ रोड ट्रैफिक एजुकेषन (आईआरटीई) की मौजूदगी में किया गया।

साल में 1,45,000 मृत्यु के साथ भारत में दुनिया की 12.5 प्रतिषत सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, तथा यहां पर हर चार मिनट में 1 सड़क दुर्घटना होती है। 2015 में, सड़क दुर्घटनाओं के 72 प्रतिषत षिकार 15 से 44 वर्श के आयुवर्ग में थे और ऐसा अनुमान है कि 1.5 प्रतिषत सड़क दुर्घटनाएं तथा 4.6 प्रतिषत मृत्यु नषे में वाहन चलाने के फलस्वरूप होती हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2016 में पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं के कारण 5000 से अधिक मृत्यु हुईं और 4350 से अधिक लोगों को गंभीर चोटें लगीं। 2016 में पंजाब में हुई सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े बताते हैं कि 2016 में मोहाली में सड़क दुर्घटनाओं में 290 से अधिक लोग मृत्यु का षिकार हुए। 
उच्च स्तर की एफिषियंसी एवं प्रभावषीलता सुनिष्चित करने के लिए मोहाली में 27-28 अक्टूबर, 2017 को आयोजित होने वाले प्रोग्राम में यातायात पुलिस तथा सड़क दुर्घटना जांच एवं यातायात प्रबंधन के परिवहन अधिकारियों को क्षमता निर्माण का प्रषिक्षण प्रदान किया गया।
इस अभियान के बारे में, अबंती षंकरनारायणन, चीफ स्ट्रेट्जी एवं काॅर्पोरेट अफेयर्स आॅफिसर, डियाज़ियो इंडिया ने कहा, ‘‘ डियाज़ियो ‘रोड टू सेफ्टी’ अभियान का लक्ष्य हमारे देष में सड़क सुरक्षा की खराब स्थिति का समाधान करने के लिए आवष्यक प्रभाव उत्पन्न करना है। पंजाब पुलिस और आईआरटीई के साथ सहयोग करके हमारा लक्ष्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा मदिरापान के दौरान संयम बरतने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना है।’’
डाॅ. रोहित बलूजा, प्रेसिडेंट, इंस्टीट्यूट आॅफ रोड ट्रैफिक एजुकेषन (आईआरटीई) ने कहा, ‘‘सड़क सुरक्षा हमारे प्रभावषाली और सुरक्षित यातायात प्रबंधन सिस्टम का आधार है। मैं पंजाब पुलिस को बधाई देता हूं कि उन्होंने अपने पुलिस बल के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का यह हिम्मती कदम उठाया। यह अभियान जितना अधिक आगे बढ़ाया जाएगा,सड़क पर यातायात के उल्लंघनों तथा दुर्घटनाओं को कम करने में उतनी ही मदद करेगा।’’
यूएसएल- डियाज़ियो आईआरटीई ‘रोड टू सेफ्टी’ अभियान वर्तमान में अपने तीसरे साल में है और इसका लक्ष्य यातायात पुलिस के अधिकारियों को क्षमता निर्माण का प्रषिक्षण प्रदान करना तथा कमर्षियल वाहन चालकों जैसे ट्रकर्स और बस ड्राईवर्स तथा यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को नषे में वाहन चलाने के खतरों के बारे में समझाना है। इसका हर प्रोग्राम आईआरटीई की फैकल्टी के एक्सपर्ट पैनल द्वारा चलाया जाता है। वार्ताओं में सड़क दुर्घटनाओं के कारण व परिणाम, सड़क रेगुलेषंस के नियम तथा ट्रैफिक कंट्रोल उपकरणों की जानकारी षामिल है।
2014 से इस प्रोग्राम ने 15 राज्यों के 50 षहरों में सड़क सुरक्षा क्षमता निर्माण में 3,900 से अधिक ट्रैफिक अधिकारियों, 6000 से अधिक कमर्षियल वाहन चालकों और 5000 से अधिक यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को प्रषिक्षित कर दिया है। कई राज्यों में पुलिस विभागों को उच्च क्वालिटी के ब्रेथ अल्कोहल एनालाईज़र वितरित किए गए।