बनेगा टैक्रॉलाजी पार्क, नोएडा को 8049.71 वर्ग मीटर भूमि स्थानांतरित

चंडीगढ़, 5 सितंबर 2018 - हरियाणा सरकार द्वारा पंचकूला में भारतीय सॉफ्टवेयर टैक्रॉलाजी पार्क (एसटीपीआई) के केंद्र की स्थापना के उद्देश्य से एसटीपीआई, नोएडा को 8049.71 वर्ग मीटर भूमि स्थानांतरित करने के निर्णय के साथ ही पंचकूला में एसटीपीआई केंद्र की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह भूमि एक रुपया प्रति वर्ष की दर पर 99 वर्ष के लिए मुफ्त / लीज होल्ड आधार पर दी जाएगी। 
इस उद्देश्य के लिए हाट्रोन तथा एसटीपीआई, नोएडा के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे।
इस आशय का निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
तकनीकी संस्थानों और विश्वविद्यालयों की निकटता, स्मार्ट सिटी, अच्छा कानून-व्यवस्था परिदृश्य, स्वस्थ जलवायु और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से निकटता, पंचकूला से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे लाइन के कारण उच्च पहुंच के चलते ट्राइसिटी चंडीगढ़ में सॉफ्टवेयर फर्मों की उपस्थिति के कारण पंचकूला में सूचना प्रौद्योगिकी को आकर्षित करने की क्षमता है। 
एसटीपीआई आईटी ऑफिस स्पेस, हाई स्पीड डेटा कनेक्टिविटी, डाटा सेंटर तथा सॉफ्टवेयर और सेवाओं के निर्यात के लिए आवश्यक अन्य सुविधाएं सृजित करेगा। एसटीपीआई इनक्यूबेशन सुविधा में एसटीपीआई कार्यालय परिसर, नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर, फिनिशिंग स्कूल, प्लग-एन-प्ले फैसिलिटी इनक्यूबेशन और रॉ इनक्यूबेशन स्पेस शामिल होगा। एसटीपीआई - इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप के लिए एक केंद्रीकृत सुविधा होगी और यह सुनिश्चित करेगा कि उभरते स्टार्टअप के लिए परामर्श से लेकर वित्त पोषण तक प्रासंगिक पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध हो। स्टार्टअप की आवश्यक सहायता सेवा के साथ आधुनिक  बुनियादी ढांचे तक पहुंच होगी। 
भूमि का यह टुकड़ा सेक्टर-22, आईटी पार्क, पंचकूला में लगभग 14.91 करोड़ रुपये की लागत से एचएसआईआईडीसी से खरीदा गया था। 
हरियाणा सरकार ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करवाने अर्थात प्रत्येक नागरिक को जन उपयोगी सेवाएं, मांग पर शासन और सेवाएं तथा नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण की कई पहल की हैं। वर्तमान में बहुराष्ट्रीय तथा भारतीय आईटी कारपोरेट समेत लगभग सभी प्रमुख आईटी, आईटी सक्षम और संबंधित कंपनियों ने प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित की हैं और कई अन्य पाइपलाइन में हैं। हरियाणा की अर्थव्यवस्था में आईटी-बीपीएम उद्योग का योगदान राज्य सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 9.4 प्रतिशत है और ये इकाइयां हरियाणा से होने वाले निर्यात का 54 प्रतिशत योगदान देती हंै। कर योगदान लगभग 3,000 करोड़ रुपये है।  
आईटी उद्योग प्रत्यक्ष रूप से 2.5-3 लाख लोगों और अप्रत्यक्ष रूप से 8-9 लाख लोगों को रोजगार देता है। 450 से अधिक कंपनियां बीपीओ सेक्टर में काम कर रही हैं और गुरुग्राम विश्व बीपीओ केंद्रों में से एक है। यह कुल विश्वव्यापी बीपीओ कर्मचारियों के 5 प्रतिशत और कुल भारतीय बीपीओ कर्मचारियों के 13 प्रतिशत को नियोजित करता है। आईटी और आईटी सक्षम सेवा उद्योग के विकास के वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए, गुरुग्राम के बाद पंचकूला क्षेत्र को हरियाणा के दूसरे आईटी हब के रूप में प्रोजेक्ट करने का निर्णय लिया गया है। एसटीपीआई के माध्यम से पंचकूला में पर्याप्त आईटी इनक्यूबेशन स्पेस स्थापित करना इस दिशा में लिए पहला कदम है। 
    भारतीय सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क देश से सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्था है। एसटीपीआई केन्द्र सरकार की दो योजनाएं अर्थात सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (एसटीपी) और इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (ईएचटीपी) संचालित करता है और आईटी निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आईटी इकाइयों को एक छत के नीचे इनक्यूबेशन और डेटा संचार सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। 
सूजसविह-2018 
चण्डीगढ, 5 सितम्बर - हरियाणा सरकार ने ग्रामीणों की मांग और भौगोलिक निकटता के आधार पर पटवार सर्कल, झीवरहेड़ी और ऊचा चंदाना, तहसील व उपमण्डल रादौर के 16 गांवों को उप-तहसील सरस्वती नगर तथा उप-मण्डल जगाधरी में स्थानान्तरित करने का निर्णय लिया है। 
इस आशय का निर्णय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमण्डल की बैठक में लिया गया। 
इन 16 गांवों में ऊचा चंदाना, कांजीबंस, कबूलपुर, झार जमालपुर, महमूदपुर, बालसुआ, गरढी, शाहपुर और रामगढ़ शामिल हैं।
तहसील व उपमण्डल रादौर में 122 गांव हैं और 16 गांव निकालने के बाद इस तहसील में 106 गांव रह जाएंगे। उप-तहसील सरस्वती नगर में 55 गांव और उपमण्डल जगाधरी में 199 गांव हैं। ये 16 गांव शामिल करने के बाद उप-तहसील सरस्वती नगर में 71 गांव तथा उपमण्डल जगाधरी में 215 गांव हो जाएंगे।
मंत्रिमण्डल द्वारा तरावड़ी, करनाल में राजकीय महाविद्यालय के निर्माण हेतु नगरपालिका तरावड़ी की कुल 91 कनाल 6 मरला भूमि में से 5 कनाल 16 मरला भूमि 85 रुपये प्रति एकड़ के कलैक्टर रेट पर तथा 85 कनाल 10 मरला भूमि 30 लाख रुपये प्रति एकड़ के कलैक्टर रेट जमा 80 रुपये प्रति वर्ग गज के विकास शुल्क पर 33 वर्ष की अवधि के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग को पट्टे पर हस्तांतरित करने के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।  
मंत्रिमण्डल द्वारा ग्राम पंचायत झांसवा, खण्ड मातनहेल, जिला झज्जर की एक कनाल तीन मरला शामलात भूमि के मैसर्ज विशाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक कनाल 6 मरला भूमि के साथ तबादले के सम्बन्ध में विकास एवं पंचायत विभाग के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई, क्योंकि खसरा संख्या 541 वाले रास्ते का भाग मैसर्ज विशाका इंडस्ट्रीज के स्वामित्व वाली भूमि से गुजरता है। तबादले वाले रास्ता संख्या 541 के भाग की एवज में वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध करवाया जा रहा है।