बेअदबी पर कार्रवाई से पीछे हटने का सवाल पैदा नहीं होता: अमरिन्दर

फाइल फोटो
 
किसे भी तरह के कट्टरपंथी को राज्य की शान्ति भंग करने की हरगिज़ नहीं दी जाऐगी इजाजत
हरेक कश्मीरी विद्यार्थी आतंकवादी नहीं, गिरफ्तार किये विद्यार्थियों के स्थानीय लोगों के साथ संपर्क संबंधीे अभी तक कुछ सामने नहीं आया
 
चंडीगढ़, 15 अक्तूबर 2018:मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने संकुचित राजसी हितों की ख़ातिर बेअदबी के संवेदनशील मुद्दों का सियासीकरन करने वालों पर बरसते हुए कहा कि बरगाड़ी बेअदबी मामले और इसके बाद बहबल कलाँ और कोटकपूरा में घटित गोलीकांड की घटनाओं के दोषियों को कानून के कटघरों में खड़ा करने संबंधी उनके द्वारा किये गये वायदे से पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
 
आज यहां प्रैस कान्फ्ऱेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने बरगाड़ी में हालात काबू से बाहर होने के दोषों को रद्द करते हुए कहा कि उनकी सरकार इससे निपटने के  लिए पूरी तरह सक्षम है। जब मुख्यमंत्री को यह पूछा कि बरगाड़ी कट्टरपंथियों के सभा का केंद्र बनता जा रहा है तो उन्होंनेे कहा कि यह बात हर कोई जानता है कि कुछ लोग इस मुद्दे का सियासीकरन किये जाने की कोशिश कर रहे हैं परन्तु राज्य के लोग अमनपसंद हैं जिस कारण इस मुद्दे से राजनैतिक लाभ कमाने वाले ऐसे तत्वों की कोशिशों को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
 
मुख्यमंत्री ने कट्टरपंथियों को पंजाब में सख्त मेहनत करके कायम की गई शान्ति में विघ्न डालने की किसी भी कोशिश के विरुद्ध लताड़ा।  शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का कंट्रोल हासिल करने के लिए कट्टरपंथियों का समर्थन करने संबंधी पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका ऐसे ग्रुपों के साथ कभी भी कोई नाता नहीं रहा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि शिरोमणि कमेटी का कंट्रोल हासिल करने में यदि सिखों का कोई नरमख्याली ग्रुप चुनावी मैदान में उतरता है तो वह उनकी हिमायत करेंगे क्योंकि बादलों को यहां से बाहर का रास्ता दिखाना चाहते हैं। उन्होंने कहा,‘‘बादलों ने गुरुद्वारों को बर्बाद कर दिया।’’ उन्होंने कहा कि जहाँ तक बादल का सवाल है, वह उदारवादी नहीं बल्कि एक मौकाप्रस्त है जो अपनी राजनैतिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए हरेक तरह के लोगों का इस्तेमाल करता है।
 
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) बरगाड़ी और अन्य घटनाओं की जांच में जुटी हुई है परन्तु कानून के अंतर्गत मैं टीम के कामकाज में दखलअन्दाज़ी नहीं कर सकता।’’ कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि विशेष जांच टीम इस मामले की संवेदनशीलता से अवगत है जिस कारण वह अपनी जांच को लटकाऐगी नहीं। उन्होंने ऐलान किया कि यदि जांच टीम को किसी के खि़लाफ़ कार्यवाही के लिए कोई आधार मिला तो वह इसके लिए अदालत में जायेगी।
इन मामलों में सख्त कार्यवाही करने के लिए कांग्रेस पार्टी के चुनावी वायदे को पूरा करने के लिए सत्ता में आने के तुरंत बाद उनकी सरकार द्वारा उठाये कदमों का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच एस.आई.टी. को सौंपने का फ़ैसला विधानसभा द्वारा सर्वसंमती के साथ लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआती जांच का जिम्मा सी.बी.आई. के हाथों में देने का फ़ैसला किया था परन्तु सदन ने इसके विरुद्ध फ़ैसला लिया था कि केंद्रीय जांच एजेंसी के पास जांच प्रभावित होने का डर है क्योंकि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में अकाली हिस्सेदार हैं।
 
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा है कि यह रिपोर्ट सिफऱ् तथ्यों का पता लगाने संबंधी है और इस संबंधी आगे और पड़ताल की ज़रूरत है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने जांच के लिए एस.आई.टी. टीम में सब से बढिय़ा पेशेवरों को शामिल किया है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह और यहाँ तक कि राहुल गांधी की तरफ से घटना से तुरंत बाद बहबल कलां का दौरा करने का जि़क्र करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि उनके मंत्री मारे गए व्यक्तियों के परिवारों के साथ संपर्क में हैं और इनके परिवारों को आयोग द्वारा की गई सिफ़ारिश से अधिक मुआवज़ा दिया गया है। यहाँ तक कि बीते दिन भी उनके मंत्री और विधायक मारे गए व्यक्तियों के घर गए जबकि दूसरे इस मामले पर सिफऱ् राजनैतिक खेल खेलने में लगे हुए हैं।
 
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस ने राज्य में बेअदबी के हुए सभी 157 मामलों का पता लगा लिया है। इस सम्बन्ध में 129 व्यक्ति गिरफ्तार किये गए और 10 को सज़ा हुई।
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि आई.एस.आई. लंबे समय से पंजाब में सक्रिय है और यह कश्मीरी विद्यार्थियों के द्वारा कार्यवाहियां अमल में ला सकती है। हालाँकि कश्मीर का हरेक विद्यार्थी आतंकवादी नहीं है और पुलिस भी अभी तक गिरफ्तार किये विद्यार्थियों के स्थानीय लोगों के साथ संपर्कों को साबित नहीं कर सकी। पराली जलाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि धान को संभालने की प्रक्रिया मुकम्मल होने के बाद ही स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी हमदर्दी किसानों के साथ है परन्तु वह पराली जलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए कानून के पाबंद हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने यह भी कहा कि पराली न जलाने वाले किसानों को मुआवज़ा देने के लिए उनकी तरफ से बार -बार की गई अपील के संबंध में प्रधानमंत्री स्वीकृति भरने में असफल रहे हैं।
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले हफ़्ते उनकी इजरायल जाने की योजना है जहाँ वह द्विपक्षीय संबंधों के मामले पर असरदार विचार-विमर्श करेंगे। खेती के आधुनिक तरीकों के अलावा पानी के संरक्षण, सिंचाई, पशुधन के विकास, बाग़बानी और फूड प्रोसेसिंग संबंधी भी विचार-विमर्श किया जायेगा। उन्होंने गेहूँ और धान के फ़सली चक्कर में से किसानों को बाहर निकालने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिससे किसानों की ज़्यादा आय यकीनी बनाई जा सके। उन्होंने बताया कि पुलिस मुलाजिमों के प्रशिक्षण और होमलैंड सिक्योरिटी और अन्य क्षेत्रों में भी पंजाब इजरायल के सहयोग की माँग कर सकता है।
 
तेल कीमतों संबंधी एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस संबंध में कोई भी फ़ैसला लेने से पहले इस महीने के आखिर तक इंतज़ार करेगी क्योंकि तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें लगातार नीचे जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और एक्साईज ही राज्य की आय के मुख्य स्रोत हैं । इनके अलावा बाकी सभी स्रोत केंद्र सरकार के नियंत्रण में हैं