कैप्टन अमरिन्दर ने किया बाबा उदय सिंह की अधीन विशेष टास्क फोर्स का ऐलान

चंडीगढ़, 16 अक्तूबर 2018:

बूढ़े नाले की सफ़ाई के लिए अहम कदम उठाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मिशन के द्वारा बूढ़े नाले को गंदे पानी के बहाव से मुक्त करने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन करने के आदेश दिए हैं ।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस टास्क फोर्स के सरप्रस्त नामधारी सम्प्रदाय के बाबा उदय सिंह जी होंगे जो दो महीनों में मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि बाबा उदय सिंह जी ने बीती शाम मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की और सरप्रस्त के तौर पर टास्क फोर्स का नेतृत्व करने की अपील को स्वीकार कर लिया ।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को हिदायत की कि इस टास्क फोर्स का गठन चुने हुए प्रतिनिधियों, तकनीकी माहिरों और सार्वजनिक शखिसयतों पर आधारित किया जाये।  यह टास्क फोर्स उद्योगों के प्रदूषित बहाव को सुधारने, अवशेषों के निपटारे के मुद्दों को हल करने के लिए अध्ययन करने और सुझाव देने के अलावा बड़े स्तर पर लोगों को इस कार्य से जोडऩे का रास्ता भी तलाशेगी ।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय विभाग को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की मौजूदा क्षमता 516 एम.एल.डी. से बढ़ा कर 675 एम.एल.डी. करने के अलावा उद्योगों की निकासी को सुधारने की सहूलतों में वृद्धि करने संबंधी प्रस्ताव सौंपने के लिए कहा ।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्थानीय निकाय और औद्योगिक विभागों को हिदायत की कि बूढ़े नाले में से ज़हरीले तत्वों के ख़ात्मे के चल रहे काम को मुकम्मल करने में तेज़ी लाई जाये।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव को बूढ़े नाले की 14 किलोमीटर की लंबाई जो शहर में से गुजऱता है, की चैनलिंग और सौन्दर्यकरण संबंधी विस्तृत योजना बनायी जाये ।

मुख्यमंत्री ने यह हिदायतें बाबा उदय सिंह जी के साथ मीटिंग के दौरान दी।

इस दीर्घकालीन समस्या का स्थायी हल ढूँढने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य के साथ उद्योगों के प्रतिनिधियों और लोगों को सक्रियता से जोड़ा जाये जिससे सभी को पीने वाला साफ़ पानी मुहैया करवाने के लिए सरकार के यत्नों को नतीजे पर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि शहर निवासियों की सेहत के प्रति सरकार सबसे अधिक चिन्तित है और बूढ़े नाले में गिरतेे गंदे पानी से क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

विचार- चर्चा में हिस्सा लेते हुए बाबा उदय सिंह ने इस नेक कार्य के प्रति सरकार के उपरालों में पूर्ण सहयोग और मदद का प्रण लिया। मुख्यमंत्री ने उनको इस व्यापक कार्य को तय समय में मुकम्मल करने के लिए हरेक तरह की सहायता मुहैया करवाने का भरोसा दिया। जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव ने मीटिंग के दौरान बताया कि इस समय पर 700 एम.एल.डी. पानी बूढ़े नाले में बह रहा है जिसमें से 80 प्रतिशत पानी म्यूंसिपल सिवरेज का है जबकि 15 प्रतिशत उद्योगों का है।

इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री ओ.पी. सोनी, राजस्व मंत्री सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, लुधियाना से संसद मैंबर रवनीत सिंह बिट्टू, विधायक नवतेज सिंह चीमा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार और प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और लुधियाना के डिप्टी कमिशनर प्रदीप अग्रवाल उपस्थित थे.